भारत में पहले भी हो चुकी है कृत्रिम बारिश, जानिए किस राज्य में हुई थी दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण से निपटने के लिए इस महीने ‘क्लाउड सीडिंग’ के जरिए कृत्रिम बारिश कराने का प्लान बना रही थी हालांकि, कृत्रिम बारिश से पहले ही दिल्ली में प्राकृतिक रूप से बारिश हो गई। ऐसे में आइए जानते हैं कि ये कृत्रिम बारिश क्या होती है क्लाउड सीडिंग मौसम में बदलाव करने की एक वैज्ञानिक तरीका है, जिसमें छोटे-छोटे विमानों को बादलों के बीच से गुजारा जाता है ये विमान वहां सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड और शुष्क बर्फ, यानी ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ते हुए निकल जाते हैं इसके बाद बादलों में पानी की बूंदें जमा होने लगती हैं, जो बारिश के रूप में धरती पर बरसने लगती हैं क्लाउड सीडिंग के जरिए करवाई गई आर्टिफिशियल बारिश सामान्य बारिश की तुलना में ज्यादा तेज होती है भारत में पहली बार 1983 में तमिलनाडु के सूखाग्रस्त इलाकों में कृत्रिम बारिश कराई गई थी .