अमर उजाला
Tue, 17 May 2022
दिल्ली में यमुना सूखने के कगार पर पहुंच गई है। मार्च से रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी, बारिश का न होना और हरियाणा से कम पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का नदी का जलस्तर काफी कम हो गया है।
बोर्ड ने करीब 25 इलाकों की सूची जारी करते हुए दिल्लीवासियों से अपील की है कि जरूरत के मुताबिक पानी को एकत्रित कर पानी का इस्तेमाल करें। तस्वीर में आईटीओ यमुना घाट का हाल।
पिछले साल 11 जुलाई को तालाब का स्तर 667 फीट तक गिरने के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए हरियाणा को यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की थी।
इसके अलावा दिल्ली को ऊपरी गंगा नहर के माध्यम से उत्तर प्रदेश से 253 एमजीडी प्राप्त होता है जबकि 90 एमजीडी कुओं और नलकूपों से प्राप्त होता है।
चंद्रवाल, वजीराबाद और ओखला डब्ल्यूटीपी की क्षमता क्रमश: 90 एमजीडी, 135 एमजीडी और 20 एमजीडी है। 40 प्रतिशत की कमी का मतलब 98 एमजीडी पानी की कमी है।
ये संयंत्र दिल्ली छावनी और नई दिल्ली नगर परिषद क्षेत्रों सहित पूर्वोत्तर दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली को पीने के पानी की आपूर्ति करते हैं।
दिल्ली को करीब 1,200 एमजीडी पानी की जरूरत होती है जबकि दिल्ली जल बोर्ड करीब 950 एमजीडी पानी की आपूर्ति करता है। सरकार ने जून 2023 तक जलापूर्ति को बढ़ाकर 1,180 एमजीडी करने का लक्ष्य रखा है।
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