अमर उजाला
Sat, 8 April 2023
ग्रामीण परिवेश की दिव्या सिकरवार ने प्रदेश में नंबर वन रैंक हासिल की है। उनको यह सफलता तीसरी बार के प्रयास में मिली है।
आगरा के एत्मादपुर के गांव गढ़ी रामी की दिव्या का परिवार साधारण है। पिता राजपाल फौजी बीएसएफ से रिटायर और मां गृहणी हैं। मां को दिया सफलता का श्रेय।
प्रतीक्षा पांडेय ने परीक्षा में दूसरा स्थान पाया है। लखनऊ के गोमतीनगर की रहने वाली हैं। पिता सरकारी नौकरी से रिटायर और मां गृहिणी हैं। दूसरी बार में सफलता मिली।
बुलंदशहर की नम्रता सिंह ने परीक्षा में तीसरा स्थान पाया। पिता सरकारी कर्मचारी और मां प्रोफेसर हैं। नम्रता का मुख्य लक्ष्य IAS है यह उनकी सफलता का पहला पड़ाव है।
देहरादून की आकांक्षा गुप्ता ने चौथी रैंक हासिल की है। चार प्रयास में असफल होने पर भी हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में सफल हुईं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कुमार गौरव ने पांचवीं रैंक पाई। नायब तहसीलदार और असिस्टेंट कमांडर सीआरपीएफ की परीक्षा भी पास कर चुके हैं।
छठा स्थान हासिल करने वाली सल्तनत परवीन के पिता मो. शमीम खान की जनरल स्टोर की दुकान है और मां गृहिणी हैं। राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी रही हैं।
आठवीं रैंक पाने वाली प्राजकता त्रिपाठी शुरू से ही मेधावी छात्रा रहीं हैं। इन दिनों में गृह मंत्रालय में तैनात हैं और अब डिप्टी कलेक्टर बनी हैं।
गोंडा के संदीप कुमार तिवारी ने दसवां स्थान प्राप्त किया है। संदीप के पिता नलकूप चालक और मां गृहिणी हैं। 2021 में वह असिस्टेंट कमिश्नर (सहकारिता) बने थे, अब डिप्टी कलेक्टर।
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