साल का अप्रैल महीना खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए इतना खास है कि उन्हें एक के बाद एक कई अद्भुत नजारे आसमान में देखने को मिलेंगे। साल का अप्रैल महीना खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए इतना खास है कि उन्हें एक के बाद एक कई अद्भुत नजारे आसमान में देखने को मिलेंगे। जहां 6 अप्रैल को पिंक मून, 20 अप्रैल को सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण होगा तो 23 अप्रैल को होगी उल्का पिंडों की बारिश। 20 अप्रैल के बाद 23 अप्रैल के दिन उल्का पिंडों की बारिश होगी। इस दिन लिरिड उल्का बौछार देखने को मिलेगी। उल्का बौछार या फिर उल्का बारिश तब होती है, जब पृथ्वी, धूमकेतु या फिर क्षुद्रग्रह से छोड़े गए मलबे वायुमंडल पर तैरते हुए सतह पर गिरते हैं। इनमें से कई उल्का पिंडों का आकार काफी ज्यादा बड़ा होता है। इनमें से कई उल्का पिंडों का आकार काफी ज्यादा बड़ा होता है।