कानपुर हिंसा को फेसबुक व ट्विटर पर विवादित पोस्ट कर दी गई हवा पुलिस ने ट्विटर और फेसबुक पोस्ट से सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के आरोप में 15 हैंडल्स के खिलाफ दर्ज की एफआईआर बताया जा रहा है कि बवाल का दिन तीन जून इसलिए तय किया गया था, क्योंकि इस दिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री शहर में थे। इस हिंसा के पीछे पूरे देश को एक संदेश देने की मंशा थी, इसका खुलासा बवाल के साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी ने पुलिस पूछताछ में किया है। पुलिस ने जब हयात से पूछा कि 27 मई को भी जुमा था, तब प्रदर्शन क्यों नहीं किया, इस पर उसने कहा कि तीन जून को राष्ट्रपति व पीएम आदि शहर में थे। शहर में वीआईपी मूवमेंट व जुमा के चलते हिंसा के लिए साजिशकर्ताओं ने जानबूझकर बंदी के नाम पर बवाल के लिए तीन जून का दिन तय किया था। हालांकि पुलिस को पहले भी हिंसा के पीछे साजिश की आशंका थी लेकिन अब हयात ने खुद इस पर मुहर लगा दी है। हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशिमी की पत्नी से भी पुलिस कर सकती है पूछताछ यहां पढ़ें