समर ने पुलिस को बताया कि 25 मार्च की रात आकांक्षा की आखिरी कॉल उसके मोबाइल पर आई थी। समर ने पुलिस को बताया कि 25 मार्च की रात आकांक्षा की आखिरी कॉल उसके मोबाइल पर आई थी। शोरशराबा ज्यादा हो रहा था, इसलिए पांच-छह सेकेंड बाद उसने फोन काट दिया था। पुलिस के समक्ष बताया कि दोनों के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं रह गए थे, इसलिए इधर ज्यादा बात नहीं हो रही थी। कामकाज के सिलसिले में ही कभी-कभी बात होती थी। साहसी थी आंकाक्षा समर ने कहा कि उसने यह कभी नहीं सोचा था कि आकांक्षा आत्महत्या कर लेगी। वह एक साहसी लड़की थी और उसने अपने दम पर भोजपुरी इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम बनाया था। अगर उसे पता होता कि आकांक्षा के मन में आत्महत्या जैसा कोई गलत विचार आया है तो वह गोरखपुर से वाराणसी आकर उसे समझाता। अगर उसे पता होता कि आकांक्षा के मन में आत्महत्या जैसा कोई गलत विचार आया है तो वह गोरखपुर से वाराणसी आकर उसे समझाता।