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अमर उजाला
Fri, 24 November 2023
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कई बार रुकने और तमाम अगर-मगर के साथ आखिरकार ऑगर मशीन से सफलता मिलने की उम्मीद है।
वैसे तो इस मशीन की ड्रिल स्पीड 5 मीटर प्रति घंटा है लेकिन मामूली अड़चनों के बीच पहली बार सुरंग के भीतर ये मशीन 1.8 से 2 मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली।
एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मलिक खल्खो का कहना है कि मशीन की गति 5 मीटर प्रति घंटा होती है लेकिन यहां अभी तक यह गति नहीं मिल पाई थी। हालांकि 2 मीटर प्रति घंटे तक की स्पीड भी बड़ी कामयाबी की ओर ले जाने वाली साबित हुई।
हालांकि एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि डीजल मशीन के चलते वेंटिलेशन में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए बीच-बीच में कंप्रेशर चलाकर हवा को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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