इसके बाद ग्रीष्मकाल में छह माह तक अपने पैतृक गांव में पहुंच जाते हैं। जोशीमठ-मलारी हाईवे पर 50 किलोमीटर की दूरी पर जुम्मा गांव स्थित है। यहां से द्रोणागिरी गांव के लिए पैदल ट्रेक जाता है। धौली गंगा को पार कर ग्रामीण करीब 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपने गांव द्रोणागिरी पहुंचते हैं।