अमर उजाला
Wed, 17 August 2022
शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां लोगों को सैलाब उमड़ पड़ा
स्थानीय लोगों ने उनके सम्मान में और श्रद्धांजलि देने के लिए पूरी गली को ही तिरंगामय कर दिया
अंतिम विदाई देने के लिए फूलों से सजी गाड़ी भी तैयार की गई है
मई 1984 में सियाचिन में पेट्रोलिंग के दौरान 20 सैनिकों की टुकड़ी ग्लेशियर की चपेट में आ गई थी
शहीद चंद्रशेखर का पार्थिव शरीर मिलने की सूचना पर 38 साल पुराना दर्द एक बार फिर उनके परिजनों की आंखों में उतर आया
कश्मीरी पंडित भाइयों पर शोपियां में आतंकियों ने बरसाईं गोलियां, एक की मौत