रामलला के माथे पर सूर्यदेव कैसे करेंगे तिलक, रोचक है इसकी प्रक्रिया अयोध्या में राम मंदिर के गर्भ गृह में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा आगामी 22 जनवरी को होगी। इस दिन भगवान सूर्यदेव खुद रामलला के मस्तक पर तिलक करेंगे। सीबीआरआई रुड़की ने मंदिर के भवन का डिजाइन ऐसी खास कला और तकनीक के इस्तेमाल से तैयार किया है जिससे सूर्य की किरणें रामलला के माथे पर पड़ेंगी। इसके तहत मंदिर के भीतर विराजमान रामलला के मस्तक पर रामनवमी के दिन सूर्य की किरणें दोपहर 12 बजकर 04 मिनट पर 20 सेकेंड के लिए विराजमान रहेंगी। वैज्ञानिक डॉ. एसके पाणिग्रही ने बताया कि मंदिर के ऊपर की मंजिल पर शीशा लगा है और इसी तरह फाउंडेशन में लगा है। यह शीशा सामने से आने वाली सूर्य की किरणों को बुनियाद के शीशे पर रिफलेक्ट करेगा और यहां से सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। इसके लिए गियर मैकेनिज्म का प्रयोग किया गया है। इसके जरिए रामनवमी को शीशे की दिशा को खास तरीके से फिक्स किया जाएगा। मंदिर का भवन कलाकृति का भी बेजोड़ नमूना होगा। पूरे भवन में भार को संतुलित करने के लिए जगह-जगह भारी भरकम हाथी और घोड़े स्थापित किए गए हैं। .