अमर उजाला
Fri, 6 June 2025
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के विधायक मनोज तिवारी ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ को 'दिल दहला देने वाली और बेहद परेशान करने वाली' त्रासदी करार दिया है
उन्होंने कहा कि इसे बेहतर योजना और दूरदर्शिता के साथ टाला जा सकता था। बुधवार को आरसीबी के सम्मान समारोह को देखने आए 11 प्रशंसकों ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में अपनी जान गंवा दी और कई अन्य घायल हो गए।
तिवारी ने कहा, 'जो कुछ भी हुआ वह बेहद दुखद घटना थी। हममें से कोई भी इसकी कल्पना नहीं कर सकता था। जीत का जश्न मनाने आए प्रशंसकों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वे अपनी जान गंवा देंगे।
तिवारी ने कहा, 'जब अंदर जश्न चल रहा था, बाहर लोग मर रहे थे। किसी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।' तिवारी ने भारी भीड़ के जोखिम का आकलन किए बिना कार्यक्रम को जल्दबाजी में आयोजित करने के लिए अधिकारियों और आयोजकों की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, 'क्या यह जश्न एक या दो दिन बाद नहीं हो सकता था? इससे ठीक से तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता। आपको भावनाओं के स्तर और आने वाले लोगों की संख्या का अनुमान लगाना होगा।'
कोलकाता नाइट राइडर्स की 2012 में आईपीएल जीत के बाद जश्न के जश्न को याद करते हुए तिवारी ने कहा, 'हमने जश्न मनाने से पहले दो दिन इंतजार किया था। यह त्रासदियों को रोक सकता है। मैंने बंगलूरू में ऐसी योजना या दूरदर्शिता नहीं देखी।'
तिवारी ने सभी हितधारकों, राज्य सरकार, पुलिस, सुरक्षाकर्मियों और आरसीबी के प्रबंधन से जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उन्होंने कहा- मानव जीवन को हमेशा उत्सव से पहले आना चाहिए। यह सिर्फ एक चूक नहीं है, यह सामूहिक जिम्मेदारी की विफलता है।
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