अमर उजाला
Sat, 14 September 2024
युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह अपने खेल के दिनों में एक महान प्रतिभा माने जाते थे। हालांकि, वह एक खिलाड़ी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ खास नहीं कर सके
हालांकि, एक कोच के रूप में उन्होंने अपने बेटे को विश्व चैंपियन बनने के लिए जरूर प्रशिक्षित किया। सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने भी उनसे ही प्रशिक्षण लिया है
योगराज सिंह की एक एकेडमी है। इसके वीडियोज में योगराज सिंह एक हार्ड टास्क मास्टर की तरह अपने खिलाड़ियों को ट्रेन करते दिखते हैं।
युवराज को कड़ी ट्रेनिंग देने वाले योगराज से हाल में उनकी ट्रेनिंग अकादमी के बारे में पूछा गया था। योगराज से पूछा गया- अगर कोई आपकी अकादमी में शामिल होना चाहता है, तो उस बच्चे को किस माइंड सेट के साथ आना चाहिए?
इसके जवाब में योगराज ने कहा- सबसे पहले तो मृत्यु का भय समाप्त होना चाहिए। जब मैं तीन साल का था, मेरे पिताजी ने मेरी मां से कहा कि हम बाघ के शिकार पर जा रहे हैं। मेरी मां डर गई थी।
योगराज ने कहा- मेरे पिता ने कहा, अगर वह (बेटा) मर जाता है, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन मैं उसे बाघ जैसा बना दूंगा। तो वह तीन साल का बच्चा अपनी मां के साथ कालाढंगी के जंगल में बैठा है।
योगराज ने कहा- मेरे पिता के पास राइफल थी और वह चांदनी रात थी। हम मचान पर बैठे थे। और फिर बाघ आया, बच्चा (योगराज) चिल्लाने वाला था, लेकिन मेरी मां ने उसका मुंह पकड़ लिया। फिर मेरे पिताजी ने बाघ को छह फीट से गोली मार दी। सिर में गोली मारी मारी। वह गिर गया
योगराज ने कहा- बच्चा हैरान था। मेरे पिता ने मेरी मां से कहा कि मुझे (योगराज) नीचे ले जाएं। फिर उन्होंने मुझे पकड़ लिया और कहा, शेर का बच्चा घास नहीं खाता। वह आवाज एक प्रतिध्वनि की तरह चली गई।
योगराज ने कहा- उन्होंने मुझे बाघ पर बैठाया और उसके खून को मेरे होंठों और माथे पर लगा दिया। मेरे घर में अभी भी वह फोटो है।
योगराज ने कहा- 'मुझे लगता है कि मेरी अकादमी ऐसी ही है। मैंने युवराज को ऐसा ही बनाया है। निडर।' योगराज सिंह ने भारत के लिए एक टेस्ट और छह वनडे मैच खेले थे
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