अमर उजाला
Sat, 12 April 2025
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स के खेल में आत्मविश्वास की कमी है जो मौजूदा समय की जरूरत के मुताबिक नहीं खेल पा रही है।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई की टीम को शुक्रवार को एकतरफा मैच में आठ विकेट से हराया।
चेन्नई ने इस दौरान अपने घरेलू मैदान पर सबसे कम स्कोर बनाने के बाद छह मैचों में लगातार पांचवीं हार का सामना किया।
क्लार्क ने कहा, 'यह पिच बल्लेबाजी के लिए काफी कठिन लग रही थी। नई गेंद से थोड़ी हरकत कर रही थी और गेंद निश्चित रूप से कुछ स्पिन भी हो रही थी। मुझे लगता है कि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम गलत योजना के साथ मैदान पर उतरी थी।'
उन्होंने कहा, 'जिस तरह से यह टीम खेल रही थी उसमें आत्मविश्वास और जज्बे की कमी स्पष्ठ रूप से महसूस की जा सकती है। उनका रवैया आज के दौर के क्रिकेट जैसा नहीं दिख रहा है। उनकी कोशिश बस जीत के करीब पहुंचने या बड़ी हार को टालने की रहती है।'
क्लार्क ने कहा, 'उन्होंने इस तरह के रूढ़िवादी रवैये की जगह सब कुछ दांव पर लगाना चाहिए। सब कुछ जोखिम में डाल कर मैच जीतने की कोशिश करनी चाहिए। इस तरह के बदलाव के बारे कहना जितना आसान है, करना उतना आसान नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'जिस तरह जीतने वाले ड्रेसिंग रूम में खुशी का माहौल और आत्मविश्वास भरी भावना हो सकती है, उसी तरह जब आप हार रहे हों तो नकारात्मक भावना बनी रहती है और कभी-कभी इससे छुटकारा पाना मुश्किल होता है।'
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