अमर उजाला
Fri, 27 October 2023
महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था
हालांकि, जिसने भी 10 जुलाई 2019 को भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच देखा था, माही के आउट होने पर सबको यकीन हो गया था कि वह अब क्रिकेट नहीं खेलेंगे
धोनी के रन आउट ने वह मैच पलट दिया था और टीम इंडिया न्यूजीलैंड से 18 रन से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी
वह जिस तरह से मैदान से चेंज रूम तक पहुंचे थे और लोगों ने धोनी को स्टैंडिंग ओवेशन दिया था, फैंस को इस बात का अंदाजा हो गया था कि वह धोनी को भारतीय जर्सी में आखिरी बार देख रहे हैं
अब अपने संन्यास को लेकर धोनी ने खुद ही बातचीत की है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान संन्यास को लेकर बातचीत की है
न्यूजीलैंड के खिलाफ 2019 विश्व कप का सेमीफाइनल खेलने के बाद धोनी अगले 13 महीने तक क्रिकेट से दूर रहे थे
यह पूछे जाने पर भारत के पूर्व कोच संजय बांगर ने ट्वीट कर कहा था कि न्यूजीलैंड से हारने पर धोनी, ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या फूट-फूटकर रोए थे?
इसके जवाब में धोनी ने कहा- जब आप एक करीबी गेम हार जाते हैं तो अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। अंदर ही अंदर मैंने अपनी पूरी योजना बना ली थी
धोनी ने कहा- मेरे लिए वह (2019 भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल) आखिरी दिन था जब मैंने भारत के लिए क्रिकेट खेला। मैंने एक साल बाद संन्यास ले लिया, लेकिन सच यह है कि मैं उसी दिन रिटायर हो गया था
माही ने कहा- हम क्रिकेटरों को कुछ मशीनें और वह सब दी जाती हैं। इसलिए जब भी मैं ट्रेनर के पास जाता था तो मैं उन्हें वापस देता था। इस पर ट्रेनर कहते थे, 'नहीं, तुम इसे रखो।'
This browser does not support the video element.
धोनी ने कहा- तब मेरे दिमाग में ख्याल आता था कि मैं उन्हें कैसे बताऊं कि मुझे अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं उस समय संन्यास की घोषणा नहीं करना चाहता था
दो मुल्कों में बटे हैं इस शहर के घर, आधा इधर-आधा उधर