अमर उजाला
Sun, 5 January 2025
पर्थ में रोहित शर्मा उपलब्ध नहीं थे और शुभमन गिल चोटिल थे। ऐसे में जसप्रीत बुमराह ने कप्तानी की थी। एडिलेड में दूसरे टेस्ट से पहले रोहित की वापसी हुई और प्लेइंग-11 में भारी फेर बदल हुआ। इससे टीम का मिजाज बदलता रहा और खिलाड़ियों को पर्याप्त अनुभव नहीं मिला।
रोहित और कोहली के खराब फॉर्म भी टीम इंडिया की हार की मुख्य वजह रही। रोहित तीन टेस्ट की पांच पारियों में 31 रन बना सके। पांचों बार उन्हें कमिंस ने आउट किया। इस पूरे दौरे पर विराट नौ पारियों में 23.75 की औसत से 190 रन बना सके। पर्थ और मेलबर्न में दो पारियों में 136 रन को छोड़ दिया जाए तो बाकी सात पारियों में उन्होंने महज 54 रन बनाए हैं।
इस पूरी सीरीज में भारत के लिए जो चीज सबसे यादगार रही, वह है जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी। ऐसा लग रहा था मानो ऑस्ट्रेलिया और बुमराह के बीच ही लड़ाई है। बुमराह ने 32 विकेट लिए। इनमें दो बार पारी में चार विकेट और तीन बार पारी में पांच विकेट लिए।
भारतीय टीम को इस सीरीज में गलत टीम चयन ने भी नुकसान पहुंचाया। भारत ने मेलबर्न और सिडनी में दो स्पिनर्स खिलाए। मैनेजमेंट ने एक गेंदबाज या एक बल्लेबाज कम किया। इससे टीम को काफी नुकसान हुआ।
राहुल ने इस सीरीज में दो पारियों में जरूर अच्छी बल्लेबाजी की थी, लेकिन बाकी आठ पारियों में वह बेरंग दिखे। इसके अलावा शुभमन गिल तीन टेस्ट की पांच पारियों में महज 18.60 की औसत से 93 रन बना पाए। वहीं, पंत ने सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में जरूर आक्रामक बल्लेबाजी की, लेकिन उससे पहले वह गलत शॉट खेलकर आउट होते रहे। पंत ने इस सीरीज में पांच मैचों में 28.55 की औसत से 255 रन बनाए।
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