अमर उजाला
Fri, 7 February 2025
'मेरी तब के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन से लंच में बात हुई थी। मैंने उन्हें कहा था कि इस पाकिस्तान टीम को कोटला में कोई धराशाई कर सकता है तो वह कुंबले हैं। इसलिए हमें उनके साथ चांस लेना चाहिए और यह देखना चाहिए कि वह थकें नहीं। अजहर ने कुंबले को अच्छी तरह मैनेज किया था और उन्हें भी श्रेय दिया जाना चाहिए।': अंशुमान गायकवाड़ (भारत के पूर्व कोच)
लंच के बाद दूसरी पारी मं पाकिस्तान का पहला विकेट गिरा था और अफरीदी के बल्ले का किनारा लगा था। इसको लेकर कुंबले ने कहा- कौन खुद चला जाता है? कोई भी नहीं। बल्ले का बड़ा किनारा लगा था। उस विकेट ने सब बदल दिया और मुझे पता था कि बाकी बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होगा।': अनिल कुंबले
अंशुमान ने कहा था- अनवर स्ट्राइक ले रहे थे और शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। लगा ही नहीं कि उन्हें कोई परेशानी हुई। कुंबले ने राउंड द विकेट से गेंदबाजी करनी शुरू की और जहां फुट मार्क्स बने थे, वहीं गेंदबाजी की, लेकिन अनवर टस से मस नहीं हुए। फिर कुंबले ने ओवर द विकेट गेंदबाजी की और स्लोअल लेगब्रेक से अनवर को फंसा लिया। जैसे ही अनवर आउट हुए हमें पता था यह हमारा मैच है।
कुंबले जब नौ विकेट ले चुके थे तो अजहरुद्दीन ने जवागल श्रीनाथ को गेंदबाजी दी। श्रीनाथ बताते हैं- किसी को मेरे पास आने और यह कहने की जरूरत नहीं थी कि आखिरी विकेट आपको नहीं लेना है। कुंबले ने अच्छी गेंदबाजी की थी और वह रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर थे। कुंबले द्वारा अकरम का विकेट लेने से पहले मैंने दो या तीन ओवर गेंदबाजी की होगी।
कुंबले ने कहा- मुझे याद है जब बाकियों ने मुझे 10 विकेट पूरा करने को कहा था। एक बार जब कपिल देव रिचर्ड हैडली के रिकॉर्ड के लिए जा रहे थे, तब भी ऐसा ही हुआ था और मुझे श्रीनाथ की तरह दूसरे छोर से बस ओवर निकालने कहा गया था। मुझे पता था कि मैं ज्यादा देर तक श्रीनाथ को विकेट लेने से नहीं रोक सकता। मुझे जल्दी से 10वां विकेट लेना था।
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