दो दिनों के भीतर आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर दोहरा झटका लगा है। खुदरा महंगाई के बाद आज थोक महंगाई भी बढ़ गई है। दो दिनों के भीतर आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर दोहरा झटका लगा है। खुदरा महंगाई के बाद थोक महंगाई भी बढ़ गई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 14.23 फीसदी हो गई है। अक्तूबर में यह 12.54 फीसदी पर थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में आया थोक महंगाई का ये आंकड़ा चौंकाने वाला है और यह 12 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। नवंबर के आंकड़े आने के बाद बता दें कि थोक वस्तुओं पर आधारित मुद्रास्फीति लगातार आठ महीने से दोहरे अंकों में बनी हुई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि खनिज तेलों, मूल धातुओं, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और खाद्य उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के इसका कारण है। नवंबर में ईंधन और बिजली की मुद्रास्फीति बढ़कर 37.18 प्रतिशत हो गई। खाद्य सूचकांक 3.06 फीसदी से दोगुने से अधिक बढ़कर 6.70 फीसदी हो गई। सोमवार को खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए गए थे। अक्तूबर की तुलना में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 4.91 फीसदी पर पहुंच गई है। सोमवार को खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए गए थे। अक्तूबर की तुलना में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 4.91 फीसदी पर पहुंच गई है।