फलों का राजा आम अब 'खास' बन गया है। यह आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। देश के कई राज्यों में यह 100 रुपये प्रति किलो के पार बिक रहा है। फलों का राजा आम अब 'खास' बन गया है। यह आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। देश के कई राज्यों में यह 100 रुपये प्रति किलो के पार बिक रहा है। गर्मी-लू से आम की बौर पर बुरा असर पड़ा। इसके लिए 27 डिग्री का तापमान अच्छा माना जाता है। लेकिन भीषण गर्मी ने उत्पादन प्रभावित किया है। देश में आम के सबसे बड़े उत्पादक उत्तर प्रदेश में 80% पैदावार प्रभावित हुई है। इस साल आम उत्पादन दो दशक में सबसे कम रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश हर साल 4.5 करोड़ टन आम का उत्पादन करता है, लेकिन इस साल यह घटा है। देश के कुल आम उत्पादन में यूपी की 23.47 फीसदी हिस्सेदारी है। आम के अलावा रोजाना रसोई में इस्तेमाल होने वाला टमाटर भी सुर्ख लाल आंखें दिखा रहा है। मार्केट में इसका दाम 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। वेजिटेबल ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीराम गढवे ने कहा कि टमाटर सस्ता होने की उम्मीद कम है। इसमें जुलाई में कमी आ सकती है, जब नई फसल आएगी। गढवे ने कहा कि गर्म मौसम से टमाटर की फसल बर्बाद हुई और सप्लाई पर बुरा असर पड़ा। इस कारण टमाटर की कीमत अब चिंता का सबब बन गई है। टमाटर के दाम में तेजी सरकार के लिए भी समस्या है, क्योंकि केंद्र बढ़ती खाद्य महंगाई को काबू में करने में लगा है। खाद्य महंगाई 8.83% के उच्च स्तर पर है। टमाटर के दाम में तेजी सरकार के लिए भी समस्या है, क्योंकि केंद्र बढ़ती खाद्य महंगाई को काबू में करने में लगा है। खाद्य महंगाई 8.83% के उच्च स्तर पर है।