देश की जनता पहले से ही महंगाई की मार से बेहाल है। इसे काबू में करने के लिए आरबीआई ने महज 35 दिनों में दो बार रेपो रेट बढ़ाया है। देश की जनता पहले से ही महंगाई की मार से बेहाल है। इसे काबू में करने के लिए आरबीआई ने महज 35 दिनों में दो बार रेपो रेट बढ़ाया है। चार मई को 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी करने के बाद आरबीआई ने हाल ही में 50 बेसिस प्वाइंट का और इजाफा कर दिया है। लंबे समय से आरबीआई ने रेपो रेट को चार फीसदी पर यथावत रखा था, जो दो बढ़ोतरी के बाद अब बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया है। आरबीआई के ब्याज दरों में इजाफे के 24 घंटे बाद ही बैंकों ने अपना कर्ज महंगा करना शुरू कर दिया। इसमें आईसीआईसीआई बैंक अव्वल रहा। आईसीआईसीआई बैंक ने कर्ज की ब्याज दरों में 50 बीपीएस की वृद्धि की और बेंचमार्क लेंडिंग रेट बढ़कर 8.60 फीसदी हो गया। पीएनबी ने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट को बढ़ाकर 7.40 फीसदी और बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी बड़ौदा रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट में इजाफा किया। इस रेस में बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी का फैसला करते हुए इसे 7.75 फीसदी कर दिया। पहले एचडीएफसी लिमिटेड रिटेल प्राइम लेंडिंग रेट 0.50 फीसदी बढ़ाया, वहीं एचडीएफसी बैंक ने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट 7.40 फीसदी कर दिया है। गौरतलब है कि देश में खुदरा महंगाई 7.79 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि थोक महंगाई 15 फीसदी का स्तर पार कर गया है। गौरतलब है कि देश में खुदरा महंगाई 7.79 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जबकि थोक महंगाई 15 फीसदी का स्तर पार कर गया है।