2021 जाने वाला है और 2022 आने वाला है। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि नए साल पर भी महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। 2021 जाने वाला है और 2022 आने वाला है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि नए साल पर भी महंगाई से राहत की उम्मीद कम ही है। देश में थोक महंगाई 14.23 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है, जो 12 साल का उच्च स्तर है। वहीं खुदरा महंगाई 4.9 फीसदी पर है। आरबीआई के हालिया सर्वे में भी सामने आया है कि देश के लोगों को नए साल में महंगाई के और बढ़ने का डर सता रहा है। एक रिपोर्ट की मानें तो नए साल में कपड़े से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक के दामों में 8 से 10 फीसदी की मूल्यवृद्धि हो सकती है। कांच, कपास, स्टील, चिप्स और रसायन जैसे कच्चे माल की बढ़ी कीमतों, आपूर्ति श्रंखला में बढ़ती लागत ने मुनाफे को प्रभावित किया है। लागत में इजाफे से कंपनियों का मुनाफा घटा है। ऐसे में कंपनियों ने बढ़ी लागत के बोझ की भरपाई ग्राहकों से करने का मन बना लिया है। सूती धागे से लेकर माचिस तक के दामों में तेजी आ चुकी है। साथ ही शराब पर भी 5 से 17 फीसदी तक की महंगाई का साया मंडरा रहा है। नए साल से रेफ्रिजरेटर, एसी, वाशिंग मशीन और माइक्रोवेव ओवन की कीमतों में नए साल से 5 से 6 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है। नए साल में खाने के तेल का भाव और बढ़ सकता है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं। नए साल में खाने के तेल का भाव और बढ़ सकता है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर गुड्स कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं।