क्रिप्टोकरेंसी के प्रति लोगों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। भारत में क्रिप्टो निवेशकों की संख्या 10.7 करोड़ हो चुकी है। क्रिप्टोकरेंसी के प्रति लोगों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। भारत में क्रिप्टो निवेशकों की संख्या 10.7 करोड़ हो चुकी है। एक रिपोर्ट की मानें तो 2030 तक क्रिप्टोकरेंसी में भारतीयों द्वारा निवेश बढ़कर 24.1 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है। क्रिप्टो के अनियमित बाजार को प्रबंधित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी बिल तैयार किया गया है। यह बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश होने वाला था, लेकिन सहमति न बन पाने के कारण उस समय ये पेश नहीं हो सका। अब वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की मानें तो बजट सत्र में भी क्रिप्टोकरेंसी बिल के पेश किए जाने की कम ही संभावना है। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि क्रिप्टो बेहद जटिल विषय है और इसे अभी और समय देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसपर और विचार-विमर्श व चर्चा की जरूरत है। साथ ही रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में आम सहमति बनाना भी जरूरी है। बता दें कि आरबीआई भी कुछ महीने में अपनी डिजिटल मुद्रा लॉन्च करने की तैयारी में है और सरकार को इसका भी इंतजार है। सरकार की इस बात पर भी पैनी नजर है कि यूरोपीय यूनियन (ईयू) और बाकी जगह क्रिप्टोकरेंसी पर ग्लोबल स्टैंडर्ड कैसे डेवलप होते हैं। क्रिप्टो फ्रेमवर्क को लेकर सरकार और आरबीआई स्विट्जरलैंड स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट से भी जानकारी जुटा रहे हैं। क्रिप्टो फ्रेमवर्क को लेकर सरकार-आरबीआई स्विट्जरलैंड स्थित बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट से भी जानकारी जुटा रहे हैं।