अमर उजाला
Thu, 12 May 2022
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले इस बात को जान लें कि ये कोई लीगल टेंडर नहीं है। भविष्य में अगर आपके साथ कुछ गलत होता है, तो आप इसको लेकर कोई क्लेम नहीं कर सकते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी निवेश बाजार जोखिमों के आधीन आते हैं। इनमें रोजाना काफी उतार-चढ़ाव होते हैं। क्रिप्टो में निवेश किए गए पैसों पर मुनाफा और घाटा काफी तेजी से होता है।
क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग में बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रिसिटी का यूज होता है। अकेले बिटकॉइन की माइनिंग में जितनी ऊर्जा का उपयोग होता है, उसकी मात्रा अर्जेंटीना देश की बिजली खपत के बराबर है। ऐसे में इसको लेकर पर्यावरण से जुड़ी कई चिंताए सामने आ रही हैं।
क्रिप्टो व्हेल उन इन्वेस्टर्स को कहा जाता है, जो बड़ी मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी में अपने पैसों को पंप और डंप करने का काम करते हैं। इससे क्रिप्टो की मार्केट वैल्यू पर नकारात्मक असर पड़ता है। इस कारण निवेशकों को काफी घाटा होता है।
भारत से भागने को तैयार क्रिप्टो एक्सचेंज