शेयर बाजार के निवेशकों के लिए साल 2022 कुछ खास बेहतर नजर नहीं आ रहा है। इस की बात करें तो अब तक सेंसेक्स 12 फीसदी टूट चुका है। शेयर बाजार के निवेशकों के लिए साल 2022 कुछ खास बेहतर नजर नहीं आ रहा है। इस साल की शुरुआत से अब तक सेंसेक्स 12 फीसदी टूट चुका है। आंकड़ों पर नजर डालें तो तीन जनवरी 2022 को सेंसेक्स 59,182 अंक पर था, जबकि गुरुवार 19 मई को यह टूटकर 52,792 के स्तर पर आ गया है। गुरुवार को शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिर गया। जहां एक ओर सेंसेक्स 1416 अंक तक टूट गया, तो दूसरी ओर निफ्टी फिर 15800 पर आ गया। निवेशकों को पांच लाख करोड़ का चूना लगा। बीएसई की कंपनियों का मार्केट कैप 2,55,77,446 करोड़ से 2,50,96,555 करोड़ रुपये पर आ गया। विदेशी बाजारों का भी बुरा हाल है। बुधवार को डाऊ जोंस 1,164.52 अंक लुढ़ककर 31,490 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक ने 566 अंकों का गोता लगाया। मई की बात करें तो 12 मई को सेंसेक्स 1158 अंक, जबकि छह मई को 866 अंक फिसला था। चार मई को इसमें 1306 अंक की बड़ी गिरावट आई थी। बात करें अप्रैल की तो बीते 25 अप्रैल को सेंसेक्स 617 अंक, 22 अप्रैल को 714 अंक, 18 अप्रैल को 1172 अंक और सात अप्रैल 575 अंक टूटा था। बढ़ती महंगाई और रूस-यूक्रेन युद्ध से निवेशकों की धारणाएं प्रभावित हुई हैं। इस बीच भारी बिकवाली से बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। बढ़ती महंगाई और रूस-यूक्रेन युद्ध से निवेशकों की धारणाएं प्रभावित हुई हैं। इस बीच भारी बिकवाली से बाजार में उथल-पुथल मची हुई है।