कैसे पड़ा नीम करौली बाबा के आश्रम का नाम कैंची धाम उत्तराखंड में हल्द्वानी से भवाली फिर अल्मोड़ा राजमार्ग पर स्थित नीम करौली बाबा के आश्रम कैंची धाम के बारे में तो सभी ने सुना है लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर इसका नाम कैंची धाम क्यों पड़ा बाबा नीम करौली के आश्रम कैंची धाम को आध्यात्मिक मान्यताओं का केंद्र माना जाता है मार्क जुकरबर्ग से लेकर स्टीव जॉब्स तक दुनियाभर से कई दिग्गजों के कैंची धाम पहुंचने की कहानियां प्रसिद्ध हैं नीम करौली बाबा पहली बार 1961 में कैंची धाम आए थे और मित्र पूर्णानंद की मदद से 15 जून 1964 को कैंची धाम की स्थापना की थी कैंची धाम आश्रम की ओर जाने वाली सड़क पर दो तीखे मोड़ पड़ते हैं जिसके कारण इसका नाम कैंची पड़ा बिजार