अमर उजाला
Wed, 15 May 2024
अगर आपके आस-पास कभी मुर्गे रहे होंगे तो आपको पता होगा कि रोजाना सुबह-सुबह मुर्गे कुकड़ू-कू की आवाज निकालते हैं जिसे बांग भी कहा जाता है
लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर वह सुबह-सुबह ऐसा क्यों करते हैं आइए हम आपको बताते हैं
मुर्गे सुबह होने का समय बहुत ही सटीक तरह से भांप लेते हैं इसके पीछे की वजह उनके शरीर की बनावट और उसकी अंदरूनी खूबियों हैं
इसलिए मुर्गे को सर्केडियन क्लॉक यानी जैविक घड़ी भी कहा जाता है
शोध के मुताबिक मुर्गे सुबह होने से पहले ही मध्यम प्रकाश में अंदाज लगा लेते हैं कि सूर्य की किरणों का आगमन हो चुका है
इसके बाद वह बांग करके सूचित कर देते हैं कि सुबह हो चुकी है यही वजह है कि मुर्गे सुबह-सुबह बांग करते हैं
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