अमर उजाला
Sun, 23 July 2023
भारतीय रेलवे में हलाल-प्रमाणित चाय परोसे जाने पर एक रेलवे कर्मचारी और यात्री के बीच विवाद का वीडियो वायरल हो रहा है
लेकिन क्या आप जानते हैं हलाल-प्रमाणित चाय आखिर क्या है आइए हम आपको बताते हैं
दरअसल हलाल प्रमाणिकता की शुरुआत 1974 में हुई थी यह 1993 तक केवल स्लॉटर मांस उत्पादों पर ही लागू किया जाता था
लेकिन बाद में इसे अन्य खाद्य उत्पादों जैसे दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों व अन्य चीजों के लिए भी लागू किया जाने लगा
असल में हलाल सर्टिफिकेशन का मतलब ये है कि सामान को शरिया कानून का पालन करते हुए बनाया गया है
जबकि हलाल सर्टिफिकेशन पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए साल 2022 में सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन भी डाली गई थी
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