अमर उजाला
Sun, 5 June 2022
हिंदू धर्म के अलावा गंगा नदी का दूसरे धर्मों के लोग भी सम्मान करते हैं
अबुल फजल की किताब 'आइन-ए-अक़बरी' के मुताबिक मुगल शासक अकबर हमेशा गंगा नदी का पानी पीता था
अकबर आगरा और फतेहपुर सीकरी में रहता था, तब यूपी के सोरों से गंगाजल लाया जाता था
दिल्ली और आगरा में ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगाजल लाने के लिए कई घुड़सवारों की तैनाती की गई थी
अकबर के लिए जो खाना बनाया जाता था उसमें यमुना और चेनाब नदी के पानी के साथ गंगा जल जरूर मिलाया जाता था
वह गंगा जल को आब-ए-हयात यानी स्वर्ग का पानी मानते थे
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