अमर उजाला
Sat, 12 April 2025
पिंक मून सुनने में ऐसा लगता है जैसे चांद गुलाबी रंग का होता है, लेकिन असल में चांद का रंग नहीं बदलता
यह नाम चांद के रंग की वजह से नहीं, बल्कि एक पुराने परंपरागत नाम के कारण रखा गया है
यह नाम उत्तरी अमेरिका के मूल निवासियों ने दिया था। वे हर महीने की पूर्णिमा (पूरा चांद) को उस समय होने वाली किसी खास प्राकृतिक घटना के नाम से बुलाते थे
अप्रैल की पूर्णिमा को उन्होंने "पिंक मून" कहा, क्योंकि इस समय एक खास गुलाबी रंग का जंगली फूल (moss phlox) खिलता है
यह फूल वसंत के आने की निशानी होता था
चांद आमतौर पर वैसा ही दिखता है जैसे हर पूर्णिमा को सफेद या हल्का पीला, कभी-कभी वातावरण में धूल या धुंध के कारण वह नारंगी या गुलाबी जैसा लग सकता है, लेकिन वह केवल एक नजर का धोखा होता है
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