अमर उजाला
Thu, 22 June 2023
कंगारू उछलने कूदने और थैलीनुमा पेट में अपने बच्चे को रखने के लिए जाने जाते हैं
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कंगारू हमेशा से ऐसे नहीं थे विलुप्त कंगारुओं और वर्तमान कंगारुओं के चलने फिरने के तौर तरीकों में अंतर पाया गया है
हाल ही में वैज्ञानिकों ने कंगारुओं के जीवाश्मों का विस्तृत अध्ययन कर यह पता लगाया कि उनमें कूदने की क्षमता या विशेषता कब और कैसे विकसित हुई
वैज्ञानिकों ने पाया कि विलुप्त कंगारू आधुनिक कंगारुओं की तरह कूद-कूद कर नहीं चलते थे
कंगारू के पुराने संबधी अलग-अलग प्रकार से चलते थे कुछ दो पैरों से दौड़ते थे या चार पैरों से चलाते थे
जीवाश्म रिकॉर्ड बताते हैं कि उत्तर ओलिगोसीन से मध्य मिओसीन (2.5 से 1.5 करोड़ साल पहले) के दौर में बेसल प्रकार के कंगारू चार पैरों से धीमी गति से कूदते हुए चलते थे
ये करीब 12 किलो से छोटे हुआ करते थे जबकि 20 किलो से ज्यादा भारी कंगारू एक करोड़ साल पहले उत्तर मिओसीन काल में आए थे
आज के दिन टेस्ट में 3 दिग्गजों ने डेब्यू कर बदला भारतीय क्रिकेट का नक्शा