'शिव-शक्ति' ने हमारी गैलेक्सी को बनाया, वैज्ञानिकों ने की ये बड़ी खोज

अमर उजाला

Thu, 28 March 2024

Image Credit : मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी/ESA

गाइया स्पेस टेलिस्कोप हमारी आकाशगंगा में स्थित तारों का अध्ययन कर रहा है 
 

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जर्मनी के सबसे बड़े साइंटिफिक संस्थान मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी ने इसी टेलिस्कोप की मदद से आकाशगंगा का निर्माण करने वाले दो प्राचीन कणों की खोज है
 

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जर्मनी के वैज्ञानिकों ने इन कणों को शिव और शक्ति नाम दिया है। नीले रंग के डॉट्स शिव हैं और पीले रंग के डॉट्स शक्ति हैं।
 

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इन दोनों कणों ने मिलकर ही हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे को बनाया है। ये डॉट्स यानी कण असल में तारों की दो प्राचीन लहरें हैं
 

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इन्होंने मिलकर आकाशगंगा का निर्माण बिग बैंग से 200 करोड़ साल बाद किया। करीब 1200 करोड़ साल पहले
 

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शिव और शक्ति (नीले और पीले डॉट्स वाले) तारों की लहर इतनी पुरानी है कि उसके बाद ही हमारी आकाशगंगा के घुमावदार हिस्सों का निर्माण हुआ। इसके बाद आकाशगंगा ने घुमावदार आकार लिया 
 

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इसलिए जर्मनी के वैज्ञानिकों ने इन तारों की लहरों का नाम ब्रह्मांड की रचना करने वाले भगवान शिव और देवी शक्ति के नाम पर रखा दिया 
 

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इन दोनों ने ही मिलकर आकाशगंगा की नींव रखी, जिसमें आजकल हम सभी लोग रहते हैं

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