'शिव-शक्ति' ने हमारी गैलेक्सी को बनाया, वैज्ञानिकों ने की ये बड़ी खोज
अमर उजाला
Thu, 28 March 2024
Image Credit : मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी/ESA
गाइया स्पेस टेलिस्कोप हमारी आकाशगंगा में स्थित तारों का अध्ययन कर रहा है
Image Credit : pixabay
जर्मनी के सबसे बड़े साइंटिफिक संस्थान मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी ने इसी टेलिस्कोप की मदद से आकाशगंगा का निर्माण करने वाले दो प्राचीन कणों की खोज है
Image Credit : pixabay
जर्मनी के वैज्ञानिकों ने इन कणों को शिव और शक्ति नाम दिया है। नीले रंग के डॉट्स शिव हैं और पीले रंग के डॉट्स शक्ति हैं।
Image Credit : pixabay
इन दोनों कणों ने मिलकर ही हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे को बनाया है। ये डॉट्स यानी कण असल में तारों की दो प्राचीन लहरें हैं
Image Credit : pixabay
इन्होंने मिलकर आकाशगंगा का निर्माण बिग बैंग से 200 करोड़ साल बाद किया। करीब 1200 करोड़ साल पहले
Image Credit : pixabay
शिव और शक्ति (नीले और पीले डॉट्स वाले) तारों की लहर इतनी पुरानी है कि उसके बाद ही हमारी आकाशगंगा के घुमावदार हिस्सों का निर्माण हुआ। इसके बाद आकाशगंगा ने घुमावदार आकार लिया
Image Credit : pixabay
इसलिए जर्मनी के वैज्ञानिकों ने इन तारों की लहरों का नाम ब्रह्मांड की रचना करने वाले भगवान शिव और देवी शक्ति के नाम पर रखा दिया
Image Credit : pixabay
इन दोनों ने ही मिलकर आकाशगंगा की नींव रखी, जिसमें आजकल हम सभी लोग रहते हैं