अमर उजाला
Sun, 16 October 2022
हिमालय की रूपकुंड झील की कहानी बेहद रहस्यमयी है
आज भी झील में मानवों के कंकाल और हड्डियां पड़ी हुई हैं ये झील समुद्रतल से करीब 5,029 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है
यह झील हिमालय की तीन चोटियों के बीच स्थित है जिसे त्रिशूल जैसा दिखने की वजह से त्रिशूल का नाम दिया गया है
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित त्रिशूल भारत की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों में शामिल है
रूपकुंड झील को कंकालों की झील भी कहा जाता है लेकिन ये आज भी एक रहस्य बना हुआ है
यहां इंसानों के साथ पक्षी भी कर लेते हैं आत्महत्या