अमर उजाला
Mon, 20 February 2023
जमीन से लगभग सौ मील नीचे धरती की एक अलग परत पाई गई है, जो कुछ-कुछ पिघली हुई चट्टान की तरह है
पहली बार शोधकर्ता इतनी गहराई तक पहुंचे हैं यह परत एस्थेनोस्फीयर के भीतर है.
बताया जा रहा है कि यदि इसकी स्टडी की जाए तो आगे काफी सारी नई बातें पता लग सकती हैं
खासकर टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाली हलचल के बारे में, जिससे हमें भविष्य में आने वाले भूकंप के बारे में भी जानकारी मिल सकती है
इससे हमें कई फायदे मिल सकते हैं
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