यहां सिर्फ एक तरबूज के लिए हुई थी खूनी जंग

अमर उजाला

Thu, 13 October 2022

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सिर्फ एक फल के लिए लड़ी गई दुनिया की यह पहली जंग, आज से 376 साल पहले 1644 ईस्वी में हुई थी।
 

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इतिहास में यह युद्ध 'मतीरे की राड़' के नाम से दर्ज है राजस्थान के कई इलाकों में तरबूज को मतीरा कहा जाता है और राड़ का मतलब लड़ाई होती है
 

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दरअसल उस दौरान बीकानेर रियासत के सीलवा गांव और नागौर रियासत के जाखणियां गांव की सीमा एक दूसरे से सटी हुई थी
 

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बीकानेर रियासत की सीमा में एक तरबूज का पेड़ लगा था और नागौर रियासत की सीमा में उसका एक फल लगा था जो युद्ध का कारण बना
 

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सीलवा गांव के निवासियों का कहना था कि पेड़ उनके यहां लगा है, तो फल पर उनका अधिकार है
 

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वहीं नागौर रियासत में लोगों का कहना था कि फल उनकी सीमा में लगा है, तो यह उनका है
 
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