जब सिर्फ एक तरबूज के लिए हुई थी खूनी जंग

अमर उजाला

Sat, 23 April 2022

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करीब 376 साल पहले 1644 ईस्वी में हुई इस जंग में हजारों सैनिकों की मौत हुई थी।

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दुनिया की यह पहली जंग हैं जो सिर्फ एक फल के लिए लड़ी गई थी। 

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इतिहास में यह युद्ध 'मतीरे की राड़' के नाम से दर्ज है। 

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तरबूजे के लिए लड़ी गई यह लड़ाई दो रियसतों के लोगों के बीच हुई थी। 

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बीकानेर रियासत के सीलवा गांव और नागौर रियासत के जाखणियां गांव की सीमा एक दूसरे सटी हुई थी। 

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बीकानेर रियासत की सीमा में एक तरबूज का पेड़ लगा था और नागौर रियासत की सीमा में उसका एक फल लगा था। 

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सीलवा गांव के निवासियों का कहना था कि पेड़ उनके यहां लगा है, तो फल पर उनका अधिकार है। 

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नागौर रियासत में लोगों का कहना था कि फल उनकी सीमा में लगा है, तो यह उनका है। 

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फल पर अधिकार को लेकर दोनों रियासतों में शुरू हुई लड़ाई ने एक खूनी जंग का रूप ले लिया।

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