अमर उजाला
Tue, 5 September 2023
23 अगस्त 2023 को चांद की सतह पर लैंडिंग के बाद से लगातार लैंडर और रोवर इसरो के डाटा भेज रहे हैं
इन सभी जानकारियों को एक साथ जोड़कर देखा जाए तो चंद्रमा पर रहने का सपना पूरा हो सकता है
ये कहा जा सकता है कि जितना हमने सोचा था चंद्रमा उससे अधिक रहने लायक है
इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि लैंडर ने चांद की सतह के ऊपर और नीचे के तापमान में काफी अंतर पाया है
इसके बदौलत चांद पर रहने लायक माहौल बनाया जा सकता है मिशन में ये भी प्रमाण मिले कि चांद की सतह सुपर इंसुलेटर है
यानि अगर चांद पर इंसानों के रहने योग्य बस्ती बनेगी तो उसके अंदर का तापमान इन इंसुलेटर्स पदार्थों के जरिए संतुलित किया जा सकेगा
इसके अलावा थर्मल प्रोसेस की सहायता से चांद की सतह से ही कंस्ट्रक्शन मटेरियल बनाया जा सकेगा
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