अमर उजाला
Fri, 15 September 2023
यूं तो अंतरिक्ष यात्रा के बारे में जानना बेहद रोमांचक लगता है लेकिन ये जोखिमों से भरा होता है
किसी भी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान और धरती पर लौटने के बाद भी एस्ट्रोनॉट्स को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है
अब तक कुल 500 लोग अंतरिक्ष यात्रा पर जा चुके हैं जिनमें से 20 लोगों की मौत हो गई थी
ऐसे में सवाल ये आता है कि अगर अंतरिक्ष में ही किसी की मौत हो जाती है तो शव के साथ क्या किया जाता है
दरअसल अंतरिक्ष मिशन के दौरान शव को रखने के लिए कैप्सूल दिए जाते हैं
अगर मिशन के दौरान किसी की मौत हो जाती है तो इसे कैप्सूल में रखकर धरती पर वापस लाया जाता है
लेकिन अगर मिशन लंबा होता है और स्पेसक्राफ्ट में जगह कम होती है तो कई बार शव को कैप्सूल के साथ अंतरिक्ष में ही रिलीज कर दिया जाता है
अंतरिक्ष का तापमान बेहद कम होने की वजह से वहां लाश कभी सड़ती भी नहीं है
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