अमर उजाला
Sun, 17 September 2023
हाल ही में किए गए रिसर्च के बाद सामने आया कि करीब 1800 साल पहले जापान में हिरोता लोग रहते थे
इस समाज के लोगों में एक अजीबोगरीब बात थी कि वह अपने बच्चों की खोपड़ी को विकृत (चपटी) कर देते थे
रिसर्च में ये बात भी साफ हो गई है कि उनमें किसी तरह के आनुवंशिक समस्या नहीं थी बल्कि वे लोग ये जानबूझकर करते थे
लेकिन अभी तक इसके पीछे का कारण सामने नहीं आया कि और आज तक ये एक रहस्य ही बना हुआ है
साइंस की भाषा में इसे इंटेंशनल क्रैनियल मॉडिफिकेशन भी कहा जाता है दुनिया की अलग अलग सभ्यताओं में इस तरह की संस्कृति देखने को मिलती रही है
साल 1957 से 1959 और 2005 से 2007 के बीच विकृत खोपड़ियों की बड़ी संख्या मिली जिसमें पीछे का हिस्सा चपटा पाया गया था
इसके देखकर ऐसा लगता था कि किसी समतल औजार से खोपड़ी के पीछे वाले हिस्से को चपटा कर दिया हो
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