रावण के 10 सिरों का रहस्य रावण से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं, जो बेहद रोचक हैं। 10 सिर की वजह से ही रावण को दशानन भी कहा जाता है। रावण भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई सालों तक कठोर तप किया। रावण की कठिन भक्ति देखकर भी भगवान शिव प्रसन्न नहीं हुए। इसके बाद रावण ने अपना सिर ही काटकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर दिया। इस दौरान उसकी मृत्यु नहीं हुई और नया सिर आ गया। इसके बाद रावण ने 9 सिर भगवान शिव को अर्पित कर दिए। लेकिन 10वीं बार रावण के सिर अर्पित करने से पहले भगवान शिव प्रकट हो गए। Bizarre