अमर उजाला
Wed, 23 August 2023
नासा ने 20 जुलाई 1969 को अपोलो 11 मिशन को चंद्रमा पर उतारा था जिसके कमांडर अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग थे
नील आर्मस्ट्रांग और बज आल्ड्रिन ने जब चांद पर कदम रखा तो एक ऐसी डिवाइस वहां पर फिट की थी जो आज भी काम कर रही है
यह यंत्र एक लेजर रेंजिंग रेट्रोरिफ्लेक्टर (LRRR) है जिसे 'रेट्रोरिफ्लेक्टर' के तौर पर जाना जाता है
ये रेट्रोरिफ्लेक्टर फ्यूज्ड सिलिका के क्यूब्स से बनाया गया था जो पृथ्वी से चंद्रमा पर भेजी गई लेजर-रेंजिंग किरणें को प्रदर्शित करता है
इससे चंद्रमा और धरती के बीच की दूरी को सटीकता से मापने में मदद मिलती है
इसके अलावा चार और रेट्रोरिफ्लेक्टर भी पृथ्वी पर रखे गए थे जिसमें से तीन अमेरिका के अपोलो मिशन ने ही रखे थे
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