अमर उजाला
Wed, 9 August 2023
47 साल बाद रूसी पहली बार चांद पर अपना मिशन भेज रहा है जिसका नाम है लूना-25 (Luna-25)
11 अगस्त को मॉस्को के सुदूर पूर्व में स्थित वोस्तोचन कॉस्मोड्रोम से इसकी लॉन्चिंग हो सकती है
ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस भारत की स्पेस एजेंसी इसरो से प्रतियोगिता कर रही है
लूना-25 लगभग 11 से 12 दिनों की यात्रा करके चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास तय किए गए तीन स्थानों में से किसी एक पर लैंड करेगा
रूस के इस ताकतवर मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर ऑक्सीजन की खोज करेना और चंद्र ध्रुवीय बाह्यमंडल के प्लाज्मा का अध्ययन करना है
हालांकि रूसी स्पेस एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि हम किसी भी देश या स्पेस एजेंसी के साथ किसी तरह की प्रतियोगिता नहीं कर रहे हैं
भारत या किसी अन्य देश के मून मिशन से हमारी टक्कर नहीं होगी और न हम उनके रास्ते में आएंगे
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