चांद से धरती पर ऐसा क्या लाया था अमेरिका? देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश

अमर उजाला

Mon, 25 September 2023

Image Credit : iStock

अमेरिका ने 16 जुलाई 1969 को चांद पर अपोलो 11 मिशन भेजा था
 

Image Credit : iStock

चांद की सतह पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग चांद की सतह पर पहुंचने वाले पहले इंसान बने
 

Image Credit : istock

आर्मस्ट्रांग और उनके साथ गए बज एल्ड्रिन आठ दिन रहने के बाद 24 जुलाई 1969 को जब धरती पर लौटकर आए थे
 

Image Credit : istock

चांद से वैज्ञानिक मून डस्ट (Moon Dust) यानी चंद्रमा की मिट्टी को लेकर आए थे, जब वैज्ञानिकों ने चांद की मिट्टी वाले कार्गो को खोला, तो वो हैरान हो गए
 

Image Credit : istock

वैज्ञानिकों ने जिस कंटेनर में मून डस्ट यानी चांद की मिट्टी को लाया था, वह पूरी तरह तहस-नहस हो चुका था। यह देखकर उनके होश उड़ गए
 

Image Credit : social media

वैज्ञानिकों ने चांद की मिट्टी पर शोध किया, जिसके बाद जानकारी मिली कि चंद्रमा की मिट्टी पृथ्वी की मिट्टी की तरह नहीं थी और एक तरह से यह सीसे के पाउडर की तरह था
 

Image Credit : iStock

नासा के मंगल मिशन में शामिल रही अंतरिक्ष यात्री केट ग्रीन ने अपने एक आर्टिकल में लिखकर बताया कि चांद की सतह पर लाखों उल्का पिंड की टक्कर हुई थी जिसके बाद मून डस्ट का निर्माण हुआ
 

Image Credit : iStock

उन्होंने बताया कि इसमें सिलिका और आयरन की तरह मेटल मिलते हैं। चांद की सतह पर न पानी है और न हवा। इस स्थिति में मून डस्ट बेहद शार्प होता है

Image Credit : iStock

अचानक 'कुत्ता' बने 1000 लोग, जानिए क्या है बर्लिन का अनोखा मामला

istock
Read Now