शोधकर्ताओं ने धरती के पास स्थित तारों के डेटासेट की स्टडी के लिए डीप लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया और आठ रहस्यमयी सिग्नल के रहस्य का पता लगाया
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अध्ययन में कहा गया है कि तकनीकी रूप से उन्नत अलौकिक जीवन की खोज की संभावना पर विचार के समय सवाल उठता है कि अगर वह वहां हैं, तो उन्हें अभी तक क्यों नहीं खोजा?
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अध्ययन के मुख्य लेखक पीटर मा ने कहा कि धरती के पास के 820 तारों के 150 टीबी डेटा से एक डेटासेट पर खोज की थी जिसे पुरानी तकनीकों ने 2017 में खोजी थी, लेकिन सिंग्नल का पता नहीं चला
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मा ने कहा कि मीरकैट दूरबीन और उससे आगे 10 लाख तारों को खोजने की कोशिश करेंगे। उनका कहना है क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं? इस सवाल का जवाब खोजने में मदद मिलेगी
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अध्ययन में बताया गया है कि रेडियो संकेतों की खोज करना सबसे आम तकनीक है, क्योंकि तरंगों से तारों के बीच अविश्वसनीय दूरियों के बारे में जानकारी मिल जाती है
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इसमें कहा गया कि रेडियो संकेत अंतरिक्ष में व्याप्त धूल और गैस के माध्यम से तेजी से गुजरते हैं और ऐसा प्रकाश की गति से होता है जो हमारे सर्वश्रेष्ठ रॉकेटों की तुलना में करीब 20,000 गुना तेज है
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इस तस्वीर में छिपे घोड़े को 12 सेकेंड के अंदर ढूंढकर दिखाइए