अमर उजाला
Fri, 22 August 2025
आजकल लोगों में बेहतर सेफ्टी रेटिंग लाने वाली कारों का जबरदस्त क्रेज है।
देश में टाटा, महिंद्रा जैसी कंपनियां आम लोगों के लिए सेफ कारें बनाने के लिए जानी जाती हैं।
कारों की सेफ्टी रेटिंग के लिए उन्हें GNCAP और BNCAP जैसी इंडिपेंडेंट क्रैश टेस्ट एजेंसियों के पास भेजा जाता है।
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि करोड़ों रुपये की कार बेचने वाली Rolls Royce अपनी कारों का क्रैश टेस्ट नहीं करवाती।
इसके पीछे की वजह बहुत दिलचस्प है। दरअसल, Rolls Royce बहुत कम संख्या में कारें बनाती हैं।
एक टेस्ट के लिए 4-5 कारों की जरूरत होती है, जिन्हें क्रैश टेस्ट में भेजना मुमकिन नहीं होता।
Rolls Royce की कारों का क्रैश टेस्ट करना टेस्टिंग एजेंसी से लिए भी बहुत महंगा सौदा होता है।
कंपनी की हर कार अलग तरह से कस्टमाइज होती है, जो टेस्ट में क्वालिफाई ही नहीं करती। टेस्ट हमेशा स्टैंडर्ड मॉडल का ही होता है।
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