अमर उजाला
Sat, 3 June 2023
किसी भी कार में कभी-भी कोई बड़ी खामी आ सकती है।
जब किसी भी कंपनी की किसी कार में एक तरह की खामी की जानकारी मिलती है, तो जांच की जाती है।
अगर कई कारों में किसी खास पार्ट में खराबी की जानकारी मिलती है तो रिकॉल जारी किया जाता है।
इसके पहले कंपनी उस पार्ट से जुड़ी सभी जानकारी को इकट्ठा करती है, जिसमें वेंडर, पार्ट आदि शामिल होते हैं।
ग्राहकों को फोन, ई-मेल आदि से रिकॉल की जानकारी दी जाती है।
सर्विस सेंटर पर खराब पार्ट को ठीक करने के लिए अतिरिक्त पार्ट उपलब्ध कराए जाते हैं।
रिकॉल जारी होने के बाद लापरवाही करने से कई बार बड़े हादसे होने का खतरा होता है।
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