अमर उजाला
Mon, 5 May 2025
इन दिनों सहकारी टैक्सी को लेकर काफी बातें हो रही हैं। कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या 'सहकारी टैक्सी' शुरू होने से ओला-उबर बंद हो जाएंगे? आइए जानते हैं।
‘सहकार’ टैक्सी सेवा सरकार समर्थित पहल है, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता के बजाय हिस्सेदार बनाना है।
ओला और उबर जैसी निजी कंपनियों से अलग सहकारी टैक्सियों को को-ऑपरेटिव मॉडल पर चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को फायदा पहुंचाना होगा।
यह पहल केंद्र सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ मिशन के तहत लाई गई है, जिसमें प्राइवेट टैक्सी कंपनियों के बराबर की व्यवस्था खड़ी होगी।
राष्ट्रीय स्तर पर शुरू होने से पहले, यह सेवा कुछ प्रमुख शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी।
इसके शुरू होने से ओला-उबर की सेवाएं बंद नहीं होंगी, लेकिन मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से प्राइवेट कंपनियों के ग्राहक कम हो सकते हैं।
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