अमर उजाला
Wed, 6 November 2024
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर जहरीला हो गया है।
देश की राजधानी में AQI यानी वायु-गुणवत्ता सूचकांक को बिगाड़ने में कई वजहें अपना योगदान करती हैं।
लेकिन अक्सर दोष का एक बड़ा हिस्सा वाहनों के सिर भी आता है।
इंजन से चलने वाले वाहनों से होने वाले टेलपाइप उत्सर्जन को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है।
प्रदूषण-नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के तहत अनुमेय सीमाएं हैं, जो सभी के लिए अनिवार्य हैं।
दिल्ली परिवहन विभाग ने वैध पीयूसी के बिना चल रहे वाहनों को पकड़ने के लिए निगरानी प्रयासों को तेज कर दिया है।
एक्सपायर हो चुके पीयूसी वाले किसी भी वाहन के लिए जुर्माना 10,000 रुपये तक है। कुछ स्थितियों में वाहन को जब्त भी किया जा सकता है।
बार-बार अपराध करने जैसी सबसे खराब स्थिति में वाहन के मालिक को छह महीने तक की जेल भी हो सकती है।
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