अमर उजाला
Wed, 19 March 2025
एसयूवी का क्रेज ऐसा है कि कंपनियां आज 5 लाख से कम कीमत में भी माइक्रो एसयूवी लॉन्च कर रही हैं।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में दुनियाभर जितनी भी कारों की सेल हुई, उसमें से 54 प्रतिशत सिर्फ एसयूवी थीं।
लेकिन एसयूवी की यही बढ़ती सेल पर्यावरण के लिए नुकसान का कारण भी बन सकती है।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक पूरी दुनिया में जितनी एसयूवी गाड़ियां मौजूद हैं उसमें से 95 प्रतिशत पेट्रोल या डीजल पर ही चल रही हैं।
एसयूवी को इलेक्ट्रिक पर शिफ्ट किया जा रहा है लेकिन पर्यावरण को इससे कोई खास फायदा नहीं है।
एक छोटी कार के मुकाबले एसयूवी अधिक ईंधन की खपत करती है और ज्यादा प्रदूषण फैलाती है।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए भी लिथियम का खनन किया जाता है जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।
फिर भी दुनिया के बड़े कार बाजारों में छोटी गाड़ियों की सेल लगातार गिर रही है। इसमें जापान, जर्मनी और भारत शामिल हैं।
एसयूवी की इस बढ़ती सेल को लेकर इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) का कहना है कि इससे क्रूड की खपत बढ़ रही है।
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