अमर उजाला
Thu, 6 March 2025
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री काफी साधारण जीवन जीना पसंद करते थे।
वे ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में मौत से पहले 1964 से 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।
उन्होंने बेटे अनिल शास्त्री के कहने पर फिएट 1964 मॉडल की कार लोन पर खरीदी थी।
इसकी कीमत 12,000 रुपये थी, जिसके लिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से 5000 रुपये का लोन लिया था।
हालांकि, ताशकंद में मौत के बाद शास्त्री की पत्नी ललिता शास्त्री ने लोन की रकम चुकाई।
उन्होंने भारत सरकार से मिलने वाले पेंशन से कार लोन की राशि अदा की थी।
लाल बहादुर शास्त्री की फिएट कार "DLE 6" नंबर से रजिस्टर की गई थी।
यह कार दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल, मोतीलाल नेहरू मार्ग में प्रदर्शनी में लगाई गई है।
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