अमर उजाला
Sun, 17 August 2025
एक नई रिपोर्ट ने दावा किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के फास्ट चार्जिंग स्टेशनों से हवा प्रदूषित हो रही है।
ई-वाहनों को पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का विकल्प इसीलिए माना गया था ताकि शहरों में साफ हवा और कम शोर हो, लेकिन अब अमेरिका से एक नया सच सामने आया है।
अमेरिका में फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की कुल संख्या 11,400 से ज्यादा हो गई है और यह तेजी से बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क का हिस्सा है।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की स्टडी में पाया गया कि लॉस एंजिलिस काउंटी में जांचे गए 50 चार्जिंग स्टेशनों में कई जगहों पर हवा में मौजूद हानिकारक कण गैस स्टेशनों से भी अधिक थे।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण का असली कारण चार्जिंग स्टेशनों के कूलिंग फैन हैं, जो मशीनों को गर्म होने से रोकते समय सड़क की धूल, ब्रेक और टायर से निकले कण तथा अन्य मलबे को उड़ाकर हवा में फैला देते हैं।
इस तरह पैदा होने वाला प्रदूषण गाड़ियों के धुएं जैसा तो नहीं है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए उतना ही खतरनाक है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे बचने के लिए अमेरिका की सबसे बड़ी चार्जिंग कंपनी ChargePoint अपने DC चार्जर्स में फिल्टर लगाने की योजना बना रही है।
यह रिपोर्ट भारत जैसे देशों के लिए सबक है। EVs को अपनाने के साथ-साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी पर्यावरण के अनुकूल बनाना बेहद जरूरी है।
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