अमर उजाला
Tue, 1 February 2022
एक्सीडेंट के दौरान एक सेकेंड से भी कम समय में एयरबैग खुल जाता है
एयरबैग को बनाने, फिट करने और खुलने में बेहतरीन टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाती है
जैसे ही कार फ्रंट से टकराती है तो एयरबैग खुल जाते हैं
एयरबैग में नाइट्रोजन गैस भर जाती है
एयरबैग बनाने के लिए कॉटन का इस्तेमाल किया जाता है जिस पर सिलिकॉन की कोटिंग होती है
लेकिन एयरबैग का फायदा तब है जब पैसेंजर ने सीट बेल्ट पहनी हो
यही वजह है कि इसके महत्व को देखते हुए कई देशों में कार में इसका लगा होना अनिवार्य किया जा चुका है
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